दशकों से बॉलीवुड में इनसाइडर्स और आउटसाइडर्स को लेकर काफी बहस देखने को मिली है, लेकिन चुनिंदा एक्टर और एक्ट्रेस ही स्टार बन पाते हैं। हालांकि, इस इंडस्ट्री ने हर बार यह साबित किया है कि एक फिल्मी परिवार मौके दिला सकता है, लेकिन स्टारडम नहीं क्योंकि हर नया चेहरा अपने दम पर शोहरत कमाता है। सफलता टैलेंट, लगन और कभी-कभी किस्मत से मिली है। इसका परफेक्ट उदाहरण मोहनीश बहल हैं, जो मशहूर एक्ट्रेस नूतन के बेटे हैं। नूतन को भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक माना जाता था। बॉलीवुड के सबसे मशहूर फिल्मी परिवारों में से एक से ताल्लुक रखने के बावजूद, मोहनीश का इस इंडस्ट्री में सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था।
सुपरस्टार मां के बेटे का फ्लॉप डेब्यू
मोहनीश बहल ने 1983 में संजय दत्त के साथ फिल्म 'बेकरार' से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई और उन्हें एक लीड एक्टर के तौर पर पहचान नहीं मिली। एक मशहूर फिल्मी परिवार से आने के बावजूद, अपने करियर के शुरुआती दौर में सफलता मोहनीश से कोसों दूर रही। 1980 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों में काम किया, जिनमें 'तेरी बाहों में', 'मेरी अदालत' और 'इतिहास' जैसी फिल्में शामिल हैं। बदकिस्मती से उनकी बैक-टू-बैक फिल्में फ्लॉप रही, जिससे इस एक्टर को इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। लगातार बॉक्स ऑफिस पर मिल रही असफलताओं के कारण मोहनीश ने एक्टिंग छोड़ने का फैसला किया।
क्यों एक्टिंग छोड़ना चाहते थे नूतन के बेटे
दरअसल, मोहनीश बहल ने द टाइम्स ऑफ इंडिया के एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि वह एक्टिंग से इतने निराश हो गए थे कि उन्होंने बॉलीवुड पूरी तरह से छोड़ने का फैसला कर लिया था और यहां तक कि पायलट के तौर पर करियर बनाने के बारे में भी सोचा था। हालांकि, उनकी जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब सलमान खान ने फिल्म 'मैंने प्यार किया' के लिए उनके नाम की सिफारिश की।
सलमान खान की वजह से चमकी एक्टर की किस्मत
2021 में ईटाइम्स से बात करते हुए मोहनीश ने बताया, 'जब तक मुझे मैंने प्यार किया मिली तब तक मैं न सिर्फ अपना करियर शुरू कर चुका था, बल्कि उसे खत्म भी कर चुका था। मुझे लगा कि कुछ फ्लॉप फिल्मों के बाद मेरा करियर खत्म हो गया है और मैं पायलट बनने का प्लान बना रहा था। मैं अपना कमर्शियल फ्लाइंग लाइसेंस लेने पर काम कर रहा था, क्योंकि मैं कुछ ऐसा काम करना चाहता था जो मुझे पसंद हो एविएशन सेक्टर में। एक दिन सलमान खान से मेरी मुलाकात हुई और हम दोस्त बन गए। वह भी फिल्ममेकिंग के बिजनेस में आने की कोशिश कर रहे थे, इसलिए जब उन्हें मैंने प्यार किया में यह ब्रेक मिला तो उन्होंने विलेन के रोल के लिए मेरे नाम की सिफारिश की।'
हीरो नहीं, विलेन बन छाया एक्टर
अपने करियर के इस बड़े मोड़ को याद करते हुए मोहनीश बहल ने बताया कि उन्होंने यह रोल करने के लिए तब हामी भरी, जब सलमान खान ने खुद उनसे पूछा कि क्या वह इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहेंगे। एक्टर ने माना कि अपने करियर के उस मोड़ पर एक नेगेटिव रोल स्वीकार करना कोई आसान फैसला नहीं था। एक लीड एक्टर के तौर पर बॉक्स ऑफिस पर कई बार नाकामयाबी का सामना करने के बाद मोहनीश ने बताया कि विलेन का रोल निभाना उन्हें मुश्किल लगा, क्योंकि उस जमाने में एक्टर्स को डर रहता था कि नेगेटिव किरदार निभाने के बाद वे हमेशा के लिए एक ही तरह के किरदारों में बंधकर रह जाएंगे। लफइर भी उन्होंने सलमान खान की बात मान ली और कहा, 'इसलिए मैंने इस रोल के लिए हां कहा, लेकिन मुझे कभी उम्मीद नहीं थी कि यह मेरे करियर को एक नई जिंदगी देगा और 30 साल बाद भी मुझे इंडस्ट्री में यादगार हीरो बनाए रखेगा। मुझे नहीं लगता कि सलमान ने भी इस बारे में सोचा होगा।'
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